कॉर्पोरेट सलाह, वाणिज्यिक अनुबंध और मुकदमेबाज़ी के क्षेत्र में 8 वर्ष से सक्रिय अधिवक्ता। बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया की पंजीकृत सदस्य हूँ और 120 से अधिक कंपनियों को विलय-अधिग्रहण (M&A), गवर्नेंस और अनुबंध जोखिम प्रबंधन पर कानूनी सलाह दी है। जटिल वाणिज्यिक विवादों में मुवक्किलों के हितों की पैरवी कर अनेक अनुकूल फ़ैसले व समझौते दिलाए, और अनुबंध समीक्षा प्रक्रिया मानकीकृत कर सलाह प्रक्रिया की अवधि 30% घटाई। कंपनी के व्यावसायिक संदर्भ को समझने वाली व्यावहारिक सलाह मेरी प्राथमिकता है, और एक बड़ी लॉ फ़र्म या इन-हाउस भूमिका में कॉर्पोरेट विधि विभाग का नेतृत्व करना मेरा लक्ष्य है।